प्रदेश सरकार आईएफएमएस को चरणबद्ध ढंग से लागू करेगी। पहले चरण में पेंशन, वेतन और बिलों के भुगतान का कार्य होगा। इस प्रक्रिया के लिए सभी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दे दिया गया है।
उनके हस्ताक्षर प्रमाणित किए गए हैं। दूसरे चरण में कर्मचारियों के सर्विस बुक, फिर वार्षिक प्रविष्टि, पेंशन प्राधिकार पत्र तैयार करने का कार्य होगा। आईएफएमएस को पूरी तरह से लागू करने के लिए छह माह का समय तय किया गया है। तब तक ऑफलाइन की समानांतरण व्यवस्था भी रहेगी। लेकिन जब प्रक्रिया के सारे चरण पूरे हो जाएंगे तो ये कामकाज पूरी तरह से पेपरलैस हो जाएगा।
ये होगा फायदा
इस योजना से वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आएगी। बजट आय और व्यय की निगरानी करना आसान होगा और सरकार को कमाई और खर्च की सही जानकारी फटाफट मिल सकेगी। केंद्र पोषित योजनाओं की धनराशि के खर्च की प्रगति का सही आकलन होगा। कर्मचारियों के सेवा संबंधी दस्तावेज ऑनलाइन तैयार होंगे। सबसे हम पूरी प्रक्रिया पेपरलैस हो जाएगी।