ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) और नेपाल के दो विवि के फैकल्टीज व छात्र छात्राओं को अब एक दूसरे को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा। एसजीआरआर विवि ने नेपाल के एग्रीकल्चर व फारेस्ट्री विवि व त्रिभुवन केंद्रीय विवि के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे दोनों देशों के विवि के फैकल्टीज, शोधार्थियों व छात्र-छात्राओं को एक दूसरे के शैक्षणिक व शोध कार्यों को बारीकी से समझने का मौका मिलेगा।
बता दें, नेपाल की राजधानी काठमांडू में हिमालयन यूनिवर्सिटी कंसोरशियम (एचयूसी) के बैठक में 18 देशों से आए 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर श्री गुरु राम राय विवि व एग्रीकल्चर व फारेस्टी विवि नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय शोध कार्यों का आदान प्रदान को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एग्रीकल्चर फारेस्टी विवि का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय है। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीतांबर प्रसाद ध्यानी व एग्रीकल्चर फॉरेस्टी विश्वविद्यालय नेपाल की ओर से कुलपति डॉ. ईश्वरी प्रसाद ढाकल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ईसी मोड के महानिदेशक डॉ. डेविड मॉल्डन, अपर महानिदेशक डॉ. एकलव्य शर्मा, विश्व अनुदान आयोग के चेयरमैन डॉ. डीपी सिंह, शिक्षा मंत्रालय भूटान की महानिदेशक ओम डोर्जी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति आयोग म्यामांर के चेयरमैन प्रो. कवे आदि मौजूद थे। एसजीआरआर विवि ने त्रिभुवन विवि के साथ भी समझौता किया है। इस संबंध में कुलपति डॉ. पीतांबर प्रसाद ध्यानी व त्रिभुवन विवि के कुलपति प्रो. तीर्थराज खनिया ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। त्रिभुवन विवि नेपाल का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। छात्र-छात्राओं की संख्या के लिहाज से यह दुनिया का 10वां सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है।