रुद्रप्रयाग। मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को व्यापारियों के भारी विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल से वार्ता की। वार्ता के बाद चिह्नित व्यापारियों को अपना अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए तीन से पांच दिन तक का समय दे दिया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला और राजस्व उपनिरीक्षक मनोज असवाल समेत जल निगम के इंजीनियरों की टीम जेसीबी लेकर मुख्य बाजार पहुंची। टीम का कहना था कि मुख्य बाजार के नीचे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाना है। यहां सरकारी भूमि पर एक दर्जन से अधिक खोखे बनाए गए हैं, यह सभी खोखे एसटीपी के दायरे में आ रहे हैं, लिहाजा इन्हें हटाया जाना है। प्रशासनिक अधिकारियों ने खोखे संचालकों से दुकानों के भीतर रखे सामान को हटाने को कहा तो व्यापारी भड़क गए। इसी बीच बड़ी संख्या में बाजार से व्यापारी भी समर्थन में पहुंच गए। सभी व्यापारियों ने खोखे हटाने का विरोध शुरू कर दिया। पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष माधो सिंह नेगी, रामलाल चौधरी, कांता नौटियाल, केशव नौटियाल, लक्ष्मीकांत सेमवाल, अब्दुल रहीम खान, महावीर भट्ट, प्रेम सिंह रमल्वाण आदि मौजूद ने जिला प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की। इधर, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि एसटीपी के दायरे में आने वाले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इसके लिए व्यापारियों को तीन से पांच दिन तक का समय दे दिया गया है। जल्द ही जल निगम श्रीनगर की टीम द्वारा इस क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। टीम बताएगी कि कितनी दुकानें इससे प्रभावित हो रही हैं।