हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में उन्नयन उत्साहपूर्वक मनाया गया। सीनियर विद्यार्थियों ने नवांगुतक छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उन्हें विवि की परिकल्पना से अवगत कराया। उन्नयन की थीम ‘सहगमन सबका साथ-साथ‘ रखी गई।
कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि उन्नयन जीवन में उत्साह और जोश के साथ कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है। यह हर वर्ग, उम्र के लोगों को विचारों तथा कर्मों से युवा बने रहने की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि आज सभी विश्वविद्यालय में उन्नयन जैसे कार्यक्रम की जरूरत है, जिससे जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों का मतभेद खत्म हो तथा आपसी समन्वय बढ़े और सब मिलकर विश्वविद्यालय की गौरव गरिमा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने नये व पुराने छात्र-छात्राओं के अनुभवों को एक लघु फिल्म दिखाई । सभी ने खूब सराहा और विवि के उद्देश्य को भी जाना। दैनिक प्रयोग में आने वाली वस्तुओं द्वारा मनमोहक संगीत की प्रस्तुति छात्रों ने दी। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने योग, समूह नृत्य, मूक अभिनय तथा लघु नाटिका प्रस्तुत कर खूब तालियाँ बटोरी। वहीं, देवभूमि उत्तराखंड की गढ़वाली नृत्य ने सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति से परिचित कराते हुए विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर देसंविवि के कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव संदीप कुमार, शैफाली पण्ड्या समेत विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं शांतिकुंज के अन्तेवासी कार्यकर्ता मौजूद रहे।