काम पर लौटे 108 एंबुलेंसकर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन व बकाया वेतन भुगतान जैसी मांगों के समर्थन में लामबंद 108 एंबुलेंसकर्मी एक दिनी हड़ताल के बाद काम पर लौट आए हैं। इससे मरीजों, तीमारदारों के साथ ही स्वास्थ विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि एंबुलेंस कर्मचारियों ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक विचार विमर्श नहीं करने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें, राज्य में संचालित 108 एंबुलेंस व खुशियों की सवारी से जुड़े कर्मचारियों ने वेतन भुगतान, समान कार्य समान वेतन व स्थायीकरण जैसी कई मांगों के समर्थन में मंगलवार को हड़ताल कर दी थी। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को अस्पतालों तक लाने व उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था चौपट हो गई थी। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को हुई। 108 एंबुलेंस खुशियों की सवारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन जमलोकी का कहना है कि उनकी मंशा मरीजों व तीमारदारों को परेशान करने की नहीं है, लेकिन निजी कंपनी के अधिकारी 108 एंबुलेंसकम कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। आठ घंटे की जगह 12 घंटे का कार्य लिया जा रहा है। बीते दो माह से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। ऐसे में हजारों कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। जमलोकी ने कहा है कि यदि शासन व सरकार मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं करती तो नए सिरे से आंदोलन किया जाएगा।