ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सतपुली में बस दुर्घटना में घायल दंपति के परिजन रविवार को दून अस्पताल में बेड के लिए हलाकान रहे। अस्पतालकर्मी बेड खाली न होने का हवाला दे रहे थे, जबकि परिजन वार्ड में कई बेड खाली होने का दावा कर रहे थे। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ का कहना था कि सभी खाली बेड आवंटित हैं और मरीज ईद मनाने घर गए हैं। हालांकि बाद में घायल दंपति को बेड मुहैया कराया गया।
घटनाक्रम के मुताबिक कोटद्वार निवासी शिवचरण नेगी व उनकी पत्नी मंजुला नेगी रविवार को सतपुली में बस दुर्घटना में घायल हो गए थे। घायल दंपति को पहले कोटद्वार अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए दून अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन घायल दंपति को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां बेड को लेकर दिक्कत खड़ी हो गई। शिवचरण नेगी के आरएसएस से जुड़े होने की वजह से कई जनप्रतिनिधि व भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे थे। वहां ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के स्टाफ ने बेड खाली न होने का हवाला दिया। इस पर जनप्रतिनिधियों व डॉक्टराें, पैरा मेडिकल के बीच नोकझोंक हो गई। मामला एमएस डॉ. केसी पंत तक पहुंचा तो उन्होंने पुरुष वार्ड में घायल दंपती को बेड की व्यवस्था कराई।
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घायल दंपति की जानकारी मिलते ही तत्काल बेड की व्यवस्था कराई गई। परिजनों के ही अनुरोध पर दंपति को एक ही वार्ड में अगल-बगल बेड दिया गया ताकि इलाज में आसानी होने के साथ ही परिजनों को भी देखभाल में सहूलियत हो। बेड खाली होने के बावजूद नहीं देने के बारे में पता लगाया जाएगा। वैसे कभी-कभार कुछ मरीज जांच कराने के बाद घर चले जाते हैं फिर दोबारा आकर ऑपरेशन कराते हैं। ऐसे में खाली बेड उन्हीं को होते हैं।
-डॉ. केसी पंत, एमएस दून अस्पताल