ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग वॉक इन इंटरव्यू के जरिये भर्ती पर विचार कर रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार करा रहा है, लेकिन अतिथि शिक्षकों के मामले में कोर्ट की फटकार को ध्यान में रखकर गहनता से मंथन भी कर रहा है। वॉक इन इंटरव्यू कहीं गले की फांस न बने इसके लिए शिक्षा विभाग काफी सजग है।
बता दें, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के करीब साढ़े छह हजार पद खाली हैं। लोक सेवा आयोग भर्ती कर रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा वक्त लग रहा है। कुछ समय पहले ही एलटी ग्रेड के करीब 1200 शिक्षकों की भर्ती हुई है। वहीं, वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर विभाग ने अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की थी। इन शिक्षकों को स्थाई शिक्षकों के विकल्प के तौर पर स्कूलों में भेजा गया। फिलवक्त इन शिक्षकों के अनुबंध विस्तारीकरण का मामला कोर्ट में लंबित चल रहा है। कोर्ट इस मामले में शिक्षा विभाग को कई बार फटकार भी लगा चुका है। ऐसे में शिक्षकों की भर्ती के लिए विभाग एक बार फिर वैकल्पिक रास्ता चुनने जा रहा है। इसके तहत मेरिट के बाद इंटरव्यू के जरिये शिक्षकों की नियुक्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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मंडलवार रिक्त पदों का ब्योरा
सहायक अध्यापक एलटी
मंडल कार्यरत रिक्त अतिथि शिक्षक
कुमाऊं 6198 1479 743
गढ़वाल 8617 1485 940
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प्रवक्ता संवर्ग
स्रोत कार्यरत रिक्त
सीधी भर्ती 4621 1361
पदोन्नति 3177 3022
(आंकड़े 31 मार्च 2018 तक)
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शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की बहुत ज्यादा कमी है। शिक्षकों की व्यवस्था किए बिना हालात नहीं सुधारे जा सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जल्द कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
-आरके कुंवर, निदेशक, विद्यालयी शिक्षा