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प्रदेश बचाने की लड़ाई लड़ेगा उक्रांद - दिवाकर

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उक्रांद महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्य बनाने के लिए जिस हद तक लड़ाई लड़ी, इसे बचाने के लिए भी उस हद को पार करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसकी स्थायी राजधानी नहीं है। सम्मेलन में रमा चौहान को महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इसके अलावा 16 प्रस्ताव भी पास किए गए।
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रविवार को हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में आयोजित सम्मेलन में मुख्य भट्ट ने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों ने जिस मकसद से अलग राज्य के लिए आंदोलन किया वह अभी पूरा नहीं हुआ है। प्रदेश के तीन हजार स्कूलों में ताले लटकने जा रहे हैं, इससे राज्य की स्थिति समझी जा सकती है। डबल इंजन सरकार में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। रोजगार की यही स्थिति रही तो बेरोजगार भी आत्मघाती कदम उठाने को बाध्य होंगे। दल के संरक्षक बीडी रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश का 85 फीसदी भूभाग पर्वतीय है, जो विकास से कोसो दूर है। कोई कुछ भी कहे, लेकिन गैरसैंण स्थायी राजधानी बनकर रहेगी। सम्मेलन में गीता बिष्ट, रेखा, शांति तड़ियाल, सोनम बर्त्वाल, पंकज व्यास, बहादुर सिंह रावत, आनंद सिलमाना, मनोज ममगाईं, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, संजय क्षेत्री, देवेश्वर भट्ट मौजूद रहे। संचालन हिमानी बंसल ने किया।
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सम्मेलन में ये प्रस्ताव हुए पास
1. उत्तराखंड में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन बड़े बांधों का विरोध, छोटे बांधों का समर्थन
2. सरकारी जमीनों पर भूमाफिया के अवैध कब्जों को हटाया जाएगा
3. प्रदेश के लिए शत-प्रतिशत हरित बोनस की मांग की जाएगी
4. वन्य जीवों के हमले में मारे गए लोगों को दस लाख रुपये की सहायता जाए
5. किसी क्षेत्र विशेष के बजाय उत्तराखंड के संपूर्ण क्षेत्र को पिछड़ा घोषित किया जाए
6. सरकारी कर्मचारी अपने बच्चों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं
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