स्कूल में विमान देख पायलट बनने की मिली प्रेरणा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
स्कूल में रखा वायुसेना का विमान भी किसी छात्र के लिए प्रेरणा बन सकता है। ऐसी ही रोचक कहानी सेंट जोजेफ्स एकेडमी के छात्र रहे नमन भट्ट के पायलट बनने से जुड़ी हुई है। नमन भट्ट शनिवार को एयरफोर्स एकेडमी की पासिंग आउट परेड से पासआउट होकर वायुसेना में पायलट बन गए। नमन के परिवार में पहला सेना अफसर बनने से खुशी की लहर है।
मूलरूप से पुरानी टिहरी और देहरादून अजबपुर टीएचडीसी निवासी प्रेम प्रसाद भट्ट और दीपा भट्ट के बेटे नमन भट्ट की 12वीं तक की पढ़ाई सेंट जोजेफ्स एकेडमी से हुई। नमन के अनुसार स्कूल में वायु सेना का एक मॉडल विमान शोपीस के तौर पर रखा हुआ है। स्कूल आते-जाते वक्त इसी विमान को देखकर पायलट बनने की प्रेरणा मिली। नमन का वर्ष 2013 में एनडीए में चयन हुआ और तीन साल प्रशिक्षण लेने के बाद वे वायुसेना अकादमी हैदराबाद पहुंचे। यहां से नमन ने एक साल का कठोर प्रशिक्षण लिया और शनिवार को वह पासआउट हो गए। नमन के पिता प्रेम प्रसाद भट्ट, लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता हैं जबकि मां दीपा भट्ट एक निजी स्कूल में टीचर हैं। उनकी एक छोटी बहन है जो कि सेंट जोजेफ्स एकेडमी से ही पढ़ाई कर रही है। हैदराबाद में पासिंग आउट परेड के दौरान फ्लाइंग ऑफिसर नमन भट्ट के माता-पिता भी मौजूद रहे। नमन के माता-पिता ने देश सेवा के लिए बेटे के अफसर बनने पर गर्व जताया है।