ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
विकासनगर/साहिया। विकासनगर प्रखंड के प्राइमरी स्कूल कुंजा में अतिरिक्त भवन की सीढ़ियां गिरने के बाद से सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जौनसार बावर के कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर अब भी कक्षाएं जर्जरहाल भवन में संचालित हो रही हैं। ऐसे में यदि इन स्कूलों में कभी कोई हादसा होता है तो इी जिम्मेदारी किसकी होगी?
वहीं, कालसी प्रखंड के स्कूलों में कुल 170 प्राइमरी और 37 जूनियर हाईस्कूल हैं, जिनमें से वर्तमान में 60 प्राइमरी स्कूलों और दो जूनियर हाईस्कूलों की हालत ठीक नहीं है। इसमें भी 10 प्राइमरी पूरी तरह से जर्जरहाल हो चुके हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय ओडा, कैतरा, टगरी, दधोली, दोहा, रूपऊ, जामुवा, सैंज, डुंगेलखेड़ा और जूनियर हाईस्कूल ठकरासाधारा और सैलालानी की हालत खस्ता बनी हुई है। अभिभावक राजेंद्र सिंह, महिपाल, आत्माराम आदि का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से स्कूलों को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की जा चुकी है लेकिन, विभागीय अधिकारी हर बार भवन नहीं मिलने की बात कहकर टाल मटोल करते हैं। वहीं, मामले में खंड शिक्षाधिकारी अतर सिंह का कहना है कि हाल ही में उन्होंने चार्ज संभाला है। इस संबंध में जल्द ही एक सूची तैयार कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।