ब्यूूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
पर्यावरण संरक्षण और बेकार वस्तुओं की रिसाइकिलिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए विकासनगर स्थिति प्राथमिक स्कूल मदर्सू के संतोष कुमार समेत प्रदेश के चार शिक्षकों को नेशनल अवॉर्ड ऑफ इंस्पायरिंग क्लाइमेट एजुकेटर सम्मान मिला है। यह सम्मान 30 जून को अहमदाबाद की कर्णावती यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल ग्रीन मैंटर्स कांफ्रेंस में दिया गया।
नेशनल अवॉर्ड ऑफ इंस्पायरिंग क्लाइमेट एजुकेटर सम्मान के लिए पूरे देश से 18 शिक्षकों का चयन किया गया था। इनमें उत्तराखंड से विकासनगर के दुर्गम में स्थित प्राथमिक स्कूल मदर्सू के संतोष कुमार, राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय माल गोपेश्वर चमोली के मंगाराम गौड़, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरिद्वार की प्रधानाध्यापिका पुष्पांजलि अग्रवाल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय डोईवाला की ऊषा गौड़ के नाम शामिल थे। इन शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण और बेकार वस्तुओं की रिसाइकिलिंग में उत्कृष्ट योगदान दिया। इन्हें 30 जून को अहमदाबार में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया।
प्राथमिक स्कूल मदर्सू के शिक्षक संतोष इससे पहले हरिद्वार में संपन्न हुए एक कार्यक्रम में भी इनोवेटिव टीचर अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। यह पुरस्कार उन्हें किसी भी जगह का क्षेत्रफल निकालने की नई विधि विकसित करने के लिए दिया गया था। मूलरूप से उत्तरकाशी पुरोला के रहने वाले संतोष का कहना है कि वे पिछले तीन सालों से छात्रों के साथ मिलकर अब तक स्कूल परिसर के आसपास सैकड़ों पौधे रोप चुके हैं। वे छात्रों को पढ़ाई के साथ ही पुरानी और बेकार हो चुके डिब्बे और बोतलों को रिसाइकल कर दोबारा इस्तेमाल में लाना सिखा रहे हैं। साथ ही छात्रों को जैविक खाद बनाना भी सिखा रहे हैं, जिससे छात्र पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें।