ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
साहिया। लोनिवि साहिया के अंतर्गत 24 से अधिक मोटर मार्ग बीते पांच साल से डामरीकरण की बाट जोह रहे हैं। इससे 80 से अधिक गांवों की आबादी की आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। बरसात में ये सड़कें पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे लोगों को कमर दर्द दे रहे हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता पंवार, सुरेंद्र सिंह चौहान, किशन सिंह, परम सिंह, जयपाल सिंह पंवार आदि का कहना है कि सड़कों के डामरीकरण को लेकर कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन उन्हें झूठे वायदों के सिवाय कुछ नहीं मिलता। लोगों को सड़कों पर हिचकोले भरा सफर तय करना पड़ता है। हल्की सी बारिश में ही सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाती हैं। इन सड़कों से बनसार, सकनी, पंजिया, ककाड़ी, जोशी गांव, बडनू, डाडूवा, कितरोली, दसऊ, गबेला, दोधा, सुपऊ, किशोऊ, टिमरा लानी, सैंसा, पणायसा, बंतोऊ, बिरमोऊ, पुरोड़ी, हयो टगरी समेत 80 से अधिक गांव की आबादी जुड़ी हुई है। डामरीकरण नहीं होने से सबसे ज्यादा दिक्कतें बरसात में पेश आती हैं।
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ये सड़कें हैं क्षतिग्रस्त
लोनिवि साहिया के अंतर्गत हईया-अलसी-सकनी, सकनी-पंजिया, सकनी-ककाड़ी, शंभू की चौकी-ददोऊ-बनसार, उद्पाल्टा-उपरोली-क्यावा कांडी, बिजोऊबैंड-भुग्तार-जोशी गांव, बडनू-जोशीगांव, दसोऊ-डाडुवा-कितरोली, गबेला बैंड-दोधा, सुपोऊ-किशोऊ, टिमरालानी-टिमरा, कोठी धार-सैंसा-पणायसा, लालपुल-बंतोऊ-बिरमऊ, पुरोड़ी-हयो टगरी मोटर मार्ग समेत दो दर्जन से अधिक सड़कों को बीते पांच साल से डामरीकरण का इंतजार है।
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करीब दो दर्जन से अधिक सड़कों के डामरीकरण का प्रस्ताव बना शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही सड़कों के डामरीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। -डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, साहिया