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उपनलकर्मियों की हड़ताल : इंडोर वार्ड में भर्ती मरीजों की भी बढ़ी परेशानी

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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
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फरवरी के बाद से मानदेय भुगतान और नवीनीकरण नहीं होने से आक्रोशित उपनल स्वास्थ्यकर्मियों की तीन दिन से जारी हड़ताल का असर इंडोर वार्ड में भर्ती मरीजों पर भी पड़ने लगा है। मरीजों को समय पर दवाई नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। साथ ही इंजेक्शन लगवाने और मरहम पट्टी कराने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, तीन दिन से ओपीडी ठप पड़ी हुई है।
मात्र चार पैरा मेडिकल कर्मियों के सहारे 30 बेड के अस्पताल में व्यवस्थाएं बनाए रखने में अस्पताल प्रबंधन के पसीने छूट रहे हैं। इन्हीं चार कर्मियों के सहारे इंडोर वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड और आपातकालीन सेवा संचालित हो रही है। वहीं, एंबुलेंस का संचालन भी ठप होने से मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने में भी अस्पताल प्रबंधन को दिक्कतें आ रही हैं। ओपीडी का संचालन ठप होने से चिकित्सक भी केबिन में नहीं बैठ रहे हैं। शनिवार को भी सीएचसी में सिर्फ एक ही चिकित्सक अपने केबिन में मौजूद रहे। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी इंडोर वार्ड में भर्ती मरीजों को उठानी पड़ रही है, जिनकी दवाई सहित मरहम पट्टी की व्यवस्था में अस्पताल प्रबंधन सहित तीमारदारों को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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उधर, सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद ही व्यवस्थाएं सुचारु हो पाएंगी।
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आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित
पिछले तीन दिनों से 28 पैरा मेडिकल कर्मियों के एक साथ हड़ताल पर जाने से आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। अस्पताल में मात्र चार कर्मचारी ही नियमित हैं, जो पिछले तीन दिनों से लगातार 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के संचालन के साथ ही इंडोर वार्ड की व्यवस्थाएं भी संभाले हुए हैं। ऐसे में उनके चेहरे पर थकान साफ दिखाई देने लगी।
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ओटी भी पड़ी ठप
हड़ताल के चलते सीएचसी में पिछले तीन दिनों से ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। आपरेशन के लिए पहले से भर्ती मरीजों को इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। सीएचसी के सर्जन डॉ. केके शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्टाफ नर्स को अन्य व्यवस्थाएं भी संभालनी पड़ रही हैं। साथ ही ऑपरेशन थियेटर में सहयोग के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं, जिससे तीन दिन से किसी भी तरह के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
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प्रसूति विभाग में भी परेशानी
सीएचसी विकासनगर में प्रतिदिन 10 से 12 डिलीवरी कराईं जाती हैं। पिछले कुछ समय से यहां सीजेरियन डिलीवरी की सुविधा भी मुहैया हो गई थी, लेकिन उपनलकर्मियों की हड़ताल से प्रसूति विभाग में भी गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लेबर रूम में तीन वार्ड आया के साथ ही एक महिला सफाईकर्मी उपनल के माध्यम से तैनात हैं, जो हड़ताल पर हैं। इसके चलते जच्चा-बच्चा की देखभाल के लिए महिला कर्मचारियों की कमी आड़े आ रही है।
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सरकारी योजनाओं का संचालन भी ठप
केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से संचालित होने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल रहा है। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र भी नहीं बन रहे हैं। सीएचसी में अटल आयुष्मान योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना संचालन भी पिछले तीन दिनों से ठप पड़ा हुआ है।
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