ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आंधी को कारण बताकर नुकसान की भरपाई देने से बच रहे उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को जिला उपभोक्ता फोरम ने नुकसान की भरपाई का आदेश दिया है। हाई वोल्टेज करंट से लगी आग में एक महिला के घर का सामान जला था। इसके एवज में यूपीसीएल को 26 हजार रुपये अदा करने होंगे।
जिला उपभोक्ता फोरम में बृहस्पतिवार को कुछ वर्षों पहले आई अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ओह माय गॉड के कहानी से मिलता जुलता मामला देखने को मिला। फिल्म में इंश्योरेंस कंपनी ने भूकंप से हुए दुकानदारों के नुकसान को एक्ट ऑफ गॉड बताकर भरपाई देने से इनकार कर दिया था। इसी फिल्म की कहानी की तरह ऋषिकेश निवासी निशा चौधरी का मामला था। अभियोजन के अनुसार निशा चौधरी के घर में 25 मई 2012 को हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया था। इससे लगी आग में बेड, एसी, टीवी व अन्य उपकरण जलकर खाक हो गए थे। इनके नुकसान के रूप में निशा ने कुल 97 हजार रुपये व मानसिक क्षतिपूर्ति की मांग यूपीसीएल से की थी। यूपीसीएल फोरम में घटना वाले दिन आंधी चलने के कारण 11 हजार वोल्ट लाइन के जपर टूटने से घरों में हाईवोल्टेज करंट दौड़ने का तर्क दिया। यूपीसीएल अपने इस कथन के बारे में फोरम के सामने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। सामान की कीमत के बारे में कोई दस्तावेज नहीं प्रस्तुत करने के कारण फोरम ने वादिनी के 97 हजार रुपये के दावे को उचित नहीं माना। सुनवाई के बाद फोरम ने यूपीसीएल की लापरवाही मानी और 26 हजार रुपये वादिनी को अदा करने के आदेश दिए हैं।