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दून स्कूल को विभाग ने नहीं दिया एनओसी का प्रारूप

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। द दून स्कूल को अभी तक शिक्षा विभाग ने एनओसी का प्रारूप ही नहीं दिया गया है। बुधवार को बाल आयोग ने शिक्षा विभाग को स्कूल को जल्द प्रारूप देने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य स्कूलों से संबंधित मामलों की भी आयोग ने सुनवाई की।
बुधवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने द दून स्कूल के मामले की सुनवाई की। सुनवाई में स्कूल की डायरेक्टर अनुपमा पहुंची। उन्होंने बताया कि स्कूल की एनओसी के लिए तीन बार शिक्षा सचिव को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अभी तक किस नियम के तहत राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र कराना है उसके लिए स्कूल को प्रारूप नहीं दिया है। इस पर आयोग ने उन्हें सोसायटी या कंपनी की नियमावली और आयकर विभाग का कर मुक्ति प्रमाणपत्र और जिस बोर्ड से स्कूल द्वारा मान्यता ली है, उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग ने शिक्षा विभाग को स्कूल को जल्द अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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उधर, सेंट किम जार्ज स्कूल के मामले में प्रबंधन के प्रतिनिधि ने बताया कि अभिभावकों की इच्छा पर टीसी जारी की गई थी, जिस पर अगली सुनवाई में शिकायतकर्ता को सुनने के आदेश दिए गए। नैनीताल के शेरवुड पब्लिक स्कूल में बालक के शोषण संबंधी शिकायत में स्कूल प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा। इस पर आयोग ने अगली तारीख पर नहीं पहुंचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। ऋषिकेश के निर्मल दीपमाला स्कूल के मामले में आयोग ने अभिभावक शिक्षक संघ का गठन न करने और सात प्रतिशत फीस बढ़ाने पर आपत्ति जताई। निर्देश दिए कि फीस में बढ़ोतरी तीन वर्ष में केवल एक बार की जाएगी। दून सरला एकेडमी की सुनवाई में आयोग ने बढ़ी फीस वापस करने और नई फीस किस-किस मद में बढ़ाई गई है टेबल बनाकर आयोग के सामने पेश करने के आदेश दिए।
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