ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
भले ही सरकार इन दिनों जल संचय अभियान के तहत चाल, खालों और तालाबों के संरक्षण के लिए पंचायत स्तर पर अभियान चला रही हो, लेकिन पछवादून में यह अभियान धरातल पर नहीं उतर पा रहा है, जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। 10 साल पूर्व तक जिस तालाब में कमल के पुष्प खिले रहते थे, अनदेखी के कारण अब वह उजाड़ हो गया है। तालाब में वर्तमान में पटेरा घास उगी हुई है।
विकासनगर नगर पालिका क्षेत्र से तीन किमी की दूरी पर स्थित पश्चिमीवाला पंचायत में 12 महीने पानी से भरा रहने वाला तालाब जिम्मेदारों की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। एक दशक पूर्व तक इस तालाब में खिले कमल के फूल स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करते थे, लेकिन अब पूरे तालाब में पटेरा घास उगी हुई है, जिससे तालाब में कमल का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। स्थानीय निवासी सतीश कुमार, पवन कुमार, नीरो देवी, संपत सिंह, प्रवीण चंद्र, शेर सिंह ने बताया कि एक दशक पूर्व तक तालाब के किनारे खड़े पीपल के पेड़ की छांव में बैठकर लोग कमल के फूूूलों की खूबसूरती को निहारते थे।
तालाब किनारे शीतल हवा चलने के कारण इसके आसपास सुबह शाम लोगों का जमावड़ा लगा रहता था। साथ ही पर्यटक भी तालाब की खूबसूरती देखने आते थे। तालाब के पानी का उपयोग स्थानीय लोग पशुओं के पीने के साथ ही खेतों की सिंचाई के लिए भी करते थे, लेकिन देखरेख के अभाव में तालाब पटेरा घास से अटा हुआ है, जिससे तालाब में कमल भी नहीं खिल रहे हैं। तालाब में पानी के बजाय दलदल रह गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तालाब की सफाई कराने की मांग की है।
उधर, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि तालाबों की सफाई के लिए उचित माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।