ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
साहिया। बिसोई गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को 80 साल बाद जागड़ा पर्व मनाया। दोपहर एक बजे जैसे ही देव पालकी गांव पहुंची, पूरा गांव चालदा महाराज के जयकारों से गूंज उठा। देवता के मंदिर में प्रवेश के बाद लोगों ने रात्रि जागरण कर जागर गाए। पूरी रात देव जागर और हारुल, तांदी नृत्य का दौर चलता रहा।
इससे पूर्व निथिला मंदिर से चालदा महाराज 22 जून को शाही स्नान के हनोल महासू मंदिर पहुंचे थे। जहां पद यात्रा कर महाराज की पालकी सोमवार शाम को वापस निथिला मंदिर पहुंची, जहां पूजा अर्चना के बाद ग्रामीणों ने रात्रि जागरण किया। मंगलवार सुबह देव पालकी ने निथिला मंदिर से पद यात्रियों के साथ बिसोई के लिए प्रस्थान किया। दोपहर एक बजे देव पालकी खत उपलगांव के बिसोई गांव में पहुंची, जहां ग्रामीणों के साथ ही अन्य गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर खुशहाली की मन्नत मांगी। देव दर्शन को आया हर श्रद्धालु पालकी को कांधा लगाने के लिए आतुर था। श्रद्धालुओं ने देवता को मन्नत पूरी होने पर अपने घर आने का आमंत्रण भी दिया।
देव पुजारी दयाराम जोशी ने बताया कि 80 वर्ष पूर्व चालदा महाराज ने जिस घर को चुना था, सबसे पहले देव पालकी को उस घर में विराजमान किया गया। परिजनों के साथ ही खत उपलगांव के रिखाड़, ठुंगरा, ठाणा, बिरमोऊ, बिसोई, निथिला, सेंसा, टिकरी, पणायसा सहित आसपास के अन्य गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने देव दर्शन किए। दर्शनों के लिए आए श्रद्धालुुओं के लिए बिसोई के ग्रामीणों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया।
इस दौरान सीतराम जोशी, वजीर टीकम सिंह चौहान, भंडारी सरदार सिंह चौहान, उमादत्त जोशी, घनश्याम, भीमदत्त, प्रताप दत्त जोशी, बाबूराम, जगतराम, श्याम दत्त, गोविंद राम, किशन जोशी, दिनेश तोमर, विद्या दत्त जोशी, रविदत्त, सुभाष शर्मा, कुंदन सिंह चौहान, हुकम सिंह चौहान, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।