देहरादून। प्रदेश की जल विद्युत परियोजनाओं (आसन बैराज, डाकपत्थर बैराज, वीरभद्र बैराज, पशुलोक बैराज, मनेरी बांध एवं इछाड़ी बांध) की मरम्मत के लिए विश्व बैंक की ओर से 235 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। इसमें से 80 फीसदी धनराशि केंद्र द्वारा प्रदेश सरकार को मुहैया कराई जाएगी। जिसमें से 90 फीसदी राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।
विश्व बैंक बांधों की मरम्मत के लिए डैम रि-हैबिलिटेशन एंड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (ड्रिप) के तहत बजट मुहैया कराता है। इसी कड़ी में प्रदेश के बांधों की मरम्मत के लिए 235 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सोमवार को प्रेमनगर स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में ड्रिप और केंद्रीय जल आयोग की तकनीकी समिति के आला अधिकारियों ने यूजेवीएनएल अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें आला अधिकारियों ने उत्तराखंड समेत सात राज्यों के अधिकारियों से बांधों की जानकारियां ली। समिति में शामिल अधिकारियों ने बताया कि विश्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में पहले चरण के कार्यों को जून 2020 तक कराया जाना प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत बांधों के विभिन्न सिविल और विद्युत यांत्रिकी कार्य कराए जाएंगे। यह धनराशि विश्व बैंक की ओर से केंद्र को दे दी है। दूसरे चरण के लिए धनराशि जून 2020 के बाद जारी की जाएगी।
बैठक में ड्रिप के परियोजना निदेशक प्रमोद नारायण, विश्व बैंक के डॉ. चाबुंगबम, राजगोपाल सिंह, केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता गोपाल सिंह, तकनीकी समिति के अध्यक्ष एवं केंद्रीय जल आयोग के सदस्य एनके माथुर, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, निदेशक परियोजना पुरुषोत्तम सिंह, महाप्रबंधक सिविल एवं नोडल अधिकारी सुरेश चंद बलूनी, महाप्रबंधक संजीव लोहनी, उप महाप्रबंधक ओपी सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
420 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार, केंद्र को भेजने की तैयारी
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि योजना के दूसरे चरण के लिए 420 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे राज्य सरकार के जरिए केेंद्र को भेजा जाएगा। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इससे न सिर्फ परियोजनाओं व बांधों की मरम्मत होगी बल्कि बिजली उत्पादन में अप्रत्याशित बढ़ोतरी भी होगी।
समिति आज करेगी आसन बैराज का दौरान
केंद्रीय जल आयोग और विश्व बैंक अधिकारियों की टीम मंगलवार को आसन बैराज का दौरा कर जानकारी जुटाएगी कि आखिरकार योजना के तहत बैराज पर अब तक कितना कार्य कराया गया है।
उत्तराखंड समेत कई राज्यों के अधिकारियों ने पेश किया खाका
बैठक के दौरान उत्तराखंड के अलावा केरल, तमिलनाड्रु, ओड़िसा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा समेत कई राज्याें के अधिकारियों ने अपने अपने राज्यों में योजना के तहत कराए गए कार्यों का मसौदा पेश किया।