ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
त्यूनी तहसील के अंतर्गत बानपुर-त्यूनी मोटर मार्ग पर सोमवार सुबह कार खाई में गिरने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के पास स्ट्रेचर एवं राहत व बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। टीम ने शवों को बोरी में रखकर रस्सी के सहारे खाई से निकाला।
त्यूनी में हुए सड़क हादसे ने आपदा प्रबंधन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस और प्रशासन की टीम सोमवार सुबह हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के पास राहत एवं बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। आपदा की दृष्टि संवेदनशील त्यूनी थाने में बताया गया है कि मात्र एक ही स्ट्रेचर था, उसे भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची पुलिस टीम अपने साथ नहीं ले गई। थानाध्यक्ष त्यूनी बीएल भारती ने बताया कि एक स्ट्रेचर से छह लोगों को नहीं निकाला जा सकता था। घटनास्थल पर विकट स्थिति थी, कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिरी थी। यही वजह रही कि बोरी में रखकर शवों को निकाला गया।
उधर, एसडीएम चकराता डॉ. अपूर्वा सिंह का कहना है कि हादसा होने के बाद जब तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचती स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर चुके थे। उन्होंने कहा कि टीम के पास पर्याप्त संसाधन थे।