ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
चकराता विधायक प्रीतम सिंह की निधि से कराए गए कार्य में साढ़े आठ लाख रुपये के गबन और फर्जीवाडे के आरोप में कालसी ब्लॉक के कनिष्ठ सहायक कमलेश्वर तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, प्रभारी बीडीओ वैजयंती प्रसाद को डीडीओ कार्यालय में अटैच कर निलंबन की संस्तुति की गई है।
जिला विकास अधिकारी पीके पांडे ने बताया कि विधायक प्रीतम सिंह की ओर से विकासखंड कालसी के अंतर्गत विधायक निधि से कुछ कार्य करवाए गए थे। विधायक निधि की योजना के तहत कार्यों के लिए कुछ रॉयल्टी कटती है, जिसे सरकारी खजाने में जमा किया जाता है। आरोप है कि प्रभारी बीडीओ और कनिष्ठ सहायक ने रॉयल्टी की साढ़े आठ लाख की धनराशि को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाए फर्जी चालान लगा दिया। बैंक से जब इसकी पुष्टि कराई गई तो यह चालान फर्जी निकला।
वर्ष 2017-18 के इस प्रकरण के हाल ही में पकड़ में आने के बाद प्रारंभिक तौर पर कार्रवाई करते हुए प्रभारी बीडीओ वैजयंती प्रसाद को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर उच्च अधिकारियों से उनके निलंबन की संस्तुति की गई है। जबकि, कनिष्ठ सहायक कमलेश्वर तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रायपुर विकासखंड में संबद्ध किया गया है। डीडीओ ने बताया कि सहायक परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट आने वाली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, आरोपी प्रभारी खंड विकास अधिकारी वैजयंती प्रसाद ने कहा कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं।