दूसरे राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाने से चकराए अभ्यर्थी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बदरीनाथ, केदारनाथ, कर्णप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर जैसे दुर्गम के छात्र उत्तराखंड के को-ऑपरेटिव बैंकों में भर्ती होने के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, यूपी के शहरों में ऑनलाइन परीक्षा देने जाएंगे। पहाड़ के दूर-दराज के क्षेत्रों के युवा इस अजब परीक्षा प्रणाली से मुश्किल में हैं। उनकी मांग है कि उनके लिए परीक्षा केंद्र अपने प्रदेश में ही बनाए जाएं।
राज्य के को-ऑपरेटिव बैंकों में भर्ती के लिए 17 जून को ऑनलाइन परीक्षा होनी है। परीक्षा के प्रवेशपत्र देखकर अभ्यर्थियों के सिर चकरा गए हैं। पहाड़ के दूर-दराज के छात्रों के परीक्षा केंद्र उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बनाए गए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ का युवा अपने ही प्रदेश की भर्ती के लिए परीक्षा दूसरे राज्यों में क्यों देगा? उनका आरोप है कि जानबूझकर यह बदलाव किया गया है, ताकि कम से कम युवा इस परीक्षा में शामिल हों। इस परीक्षा के लिए 57 हजार युवाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से केवल 16 हजार युवा ही उत्तराखंड में परीक्षा दे पाएंगे। बाकी 41 हजार युवाओं के लिए यूपी, दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में अधिकतर अभ्यर्थियों के लिए इन परीक्षा केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं होगा। लिहाजा, युवाओं ने फिलहाल परीक्षा स्थगित कर इसकी नई तिथि जारी करते हुए उत्तराखंड के केंद्रों पर ही परीक्षा कराने की मांग की है।
केवल 16 केंद्र मिलना आश्चर्यजनक
युवाओं का यह भी कहना है कि परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में केवल 16 केंद्र ही मिले हैं जो कि आश्चर्यजनक बात है। जबकि यहां 30 से ज्यादा विवि, 250 से ज्यादा इंजीनियरिंग व दूसरे कॉलेज हैं। उनका यह भी कहना है कि जेईई एडवांस, आईबीपीएस सहित तमाम ऑनलाइन परीक्षाएं उत्तराखंड में होती हैं।
कोट ::::
को-ऑपरेटिव के इतिहास में पहली बार हम ऑनलाइन भर्ती परीक्षा करा रहे हैं। इसमें यह भी शर्त है कि केवल उत्तराखंड मूल निवासी ही परीक्षा दे सकेंगे। पारदर्शिता के लिए हमने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल (आईबीपीएस) को चुना है। चूंकि यहां ऑनलाइन परीक्षा के लिए केवल 16 केंद्र ही मिल पाए हैं, इसलिए दूसरे राज्यों में केंद्र बनाने पड़े हैं। मैं युवाओं को आश्वासन देता हूं कि बेहद पारदर्शिता के साथ भर्ती की जा रही है।
- डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड