ब्यूरो,अमर उजाला/विकासनगर
शक्तिनहर से लगी सिंचाई विभाग की जमीन पर बसी बस्ती को तीन दिनों के भीतर खाली करने के तहसील प्रशासन के निर्देश पर लोग भड़क गए। इसके विरोध में लोगों ने उपजिलाधिकारी के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जानबूझकर गरीब मजदूर वर्ग को परेशान किया जा रहा है।
एसडीएम कौस्तुभ मिश्र सोमवार को तहसील प्रशासन की टीम के साथ डाकपत्थर पुल नंबर एक पर पहुंचे। एसडीएम ने वहां शक्तिनहर किनारे सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को कहा कि वे तीन दिनों के भीतर बस्ती को खाली करें। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि सिंचाई विभाग की जमीन में बड़े पैमाने पर कच्चा और पक्का निर्माण किया जा रहा है। यहां लोगों ने दुकानें बनाने के साथ ही आवासीय मकान भी बनाए हुए हैं। पछवादून को अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान के तहत इस तरह की अवैध बस्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है। बताया कि डाकपत्थर रोड किनारे ढांग को समतल कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे शक्तिनहर की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो रहा है। एसडीएम ने बताया कि अवैध बस्ती में रह रहे लोगों को अन्यत्र ठौर तलाशने के लिए कहा गया है।
वहीं, दूसरी ओर बस्ती के लोगों ने इसका विरोध किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से वह लोग इसी बस्ती में निवास कर रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों के पास राशन कार्ड और फोटो पहचानपत्र भी हैं। प्रशासन उन्हें साजिश के तहत बेघर कर रहा है। लोगों ने प्रशासन के फरमान पर विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में जमीला, सत्तार, अहमद, जुबैर, अवतार, श्यामू, दिलशाना, जहांआरा, शबनम, नसीम आदि शामिल रहे।