ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
नगर पालिका प्रशासन नगर का कूड़ा यमुना नदी किनारे ट्रंचिंग ग्राउंड में वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने के बजाय उसे खुले में डाल रहा है। इससे जलीय पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ ही आसपास की बस्ती के लोगों के बीमार पड़ने का खतरा भी बना हुआ है।
नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के लिए शासन ने यमुना किनारे डाकपत्थर खादर में जगह मुहैया कराई है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने तीन साल पूर्व यहां बसी बस्ती को उजाड़कर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की बात कही थी। लेकिन, पालिका प्रशासन अभी कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं करा पाया है। लिहाजा यहां कूड़े डाला जा रहा है। जबकि कई बार कूड़े के ढेर को आग के हवाले कर दिया जाता है। इससे यमुना में प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। पछवादून के आधे से अधिक क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई का प्रमुख स्रोत होने के साथ ही यमुना को पूरे राष्ट्र के लिए जीवनदायिनी माना जाता है। यह आलम तब है जब केंद्र व प्रदेश सरकार नदियों को निर्मल बनाने के लिए बड़े जोर-शोर से अभियान चला रही हैं। साथ ही पशु कूड़े के ढेर पर दिन भर मंडराते रहते हैं। कूड़े में पड़े पॉलिथीन को खाने से उनके लिए भी खतरा पैदा हो गया है।
उधर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बीएल आर्य ने बताया कि सती घाट में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई है। डाकपत्थर खादर बस्ती ट्रंचिंग ग्राउंड में डाले गए कूड़े को शीघ्र ही सती घाट में निस्तारित कर दिया जाएगा।