ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
ईद के मौके पर बुधवार को अल्लाह की इबादत में हजारों अकीदतमंदों ने सिर झुकाए और मुल्क की तरक्की की दुआ मांगी। चकराता रोड, सुभाष नगर, माजरा, मुस्लिम कॉलोनी स्थित ईदगाह समेत शहर की तमाम मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
चकराता रोड स्थित ईदगाह में शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने नमाज अदा कराई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ईद के दिन अल्लाह से की गई हर इबादत कुबूल होती है। ईद प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। हमें एक ही ईश्वर ने पैदा किया है। इसलिए आपस में सभी से अच्छे ताल्लुकात कायम करें। माजरा स्थित ईदगाह में मौलाना मौलाना शाकीर ने नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि रमजान के दिनों में जो सब्र आपने सीखा है। उसे बनाए रखने की दुआ करो और जरूरतमंदों की मदद करो। नमाज के बाद खुतबा पढ़ा गया। पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद ताहिर ने नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि ईद के दिन रमजान के महीने में मिली सब्र, प्रेम, आपसी मेलजोल की तालीम पर पूरे साल गौर करना चाहिए। इस दौरान नमाजियों ने जरूरतमंदों को जकात और फितरा की रकम अदा की। गांधी ग्राम गोसिया जामा मस्जिद में सैय्यद अशरफ हुसैन कादरी, लोहियानगर की रजा जामा मस्जिद में मौलाना फिरोज ने नमाज अदा करवाई। इसके अलावा धामावाला, ईसी रोड, अजबपुर, कांवली ग्राम स्थित मस्जिदों और किशननगर मदरसा में ईद की नमाज अदा की गई। इस दौरान बच्चों ने ईदगाह और मस्जिदों के बाहर लगे मेले में खेल-खिलौनों की खरीदारी कर झूलों का आनंद उठाया।
मेहमानों ने उठाया पकवानों का लुत्फ
ईद पर घरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए गए। घर पर दिनभर मेहमानों और ईद की बधाई देने वालों का आनाजाना लगा रहा। इसके अलावा कई मुहल्लों में मिठाइयां और सिवइयां बांटने सिलसिला देर रात तक चलता रहा।