ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रमुखता से पहुंचाने के लिए मंगलवार को बाल विकास विभाग की ओर से तहसील सभागार में एसडीएम की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभियान के प्रति जागरुकता पैदा करने पर मंथन किया गया। साथ ही सप्ताह में एक बार आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवित बस्ती में रैली निकालने का निर्णय लिया गया।
एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि बेटियां देश का स्वर्णिम भविष्य हैं। समाज को बेटियों के प्रति अपनी सोच बदलने की जरूरत है और उन्हें बेटों के समान सुविधाएं देकर खुद का भविष्य निर्माण करने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। समाज में फैली भ्रांतियों के चलते आज भी बेटियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। पितृ सत्तात्मक समाज के चलते बेटों के सामने बेटियों को दोयम दर्जे का समझा जा रहा है। कहा कि बेटे पिता की संपत्ति को बांटते हैं, जबकि बेटियां माता-पिता के दुखों को बांटती हैं। एसडीएम ने बताया कि बेटियां ही सृष्टि की निर्माण करती हैं, बावजूद इसके बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जा रहा है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ बेटियों को ही सशक्त आवाज उठाने को कहा। साथ ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को घर-घर में सफल बनाने के लिए प्रत्येक बेटी को शिक्षित करने पर जोर दिया।
इस दौरान तहसीलदार प्रकाश शाह, बाल विकास परियोजना अधिकारी तरुणा चमोला, देवेंद्र थपलियाल, ब्राह्मी तोमर, गायत्री आदि मौजूद रहे।