पीजी और हॉस्टल संचालकों से वसूला जाएगा व्यावसायिक कर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नगर निगम क्षेत्र के पीजी (पेइंग गेस्ट) और हॉस्टलों संचालकों से व्यावसायिक कर वसूला जाएगा। नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। पार्षदों ने भी प्रस्ताव पर सहमति दी है। बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में सैकड़ों पीजी और हॉस्टल हैं, जिनका निगम में पंजीकरण नहीं है। पीजी भवन और हॉस्टल के पंजीकरण से उनकी संख्या का पता चल सकेगा। साथ ही उनसे होने वाली कर वसूली से निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मालूम हो कि अमर उजाला ने नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे पीजी भवन और हॉस्टलों का मुद्दा उठाया था।
बोर्ड बैठक में मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि शहर में अवैध रूप से पीजी भवन और हॉस्टल चल रहे हैं। जिनका रिकॉर्ड नगर निगम के पास नहीं है। ज्यादातर पीजी भवन और हॉस्टल कर जमा नहीं करा रहे हैं। ऐसे में इनका सर्वे कर उनकी सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद उनसे भवन कर वसूला जाएगा। जिस पर मौजूद सभी पार्षदों ने प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी।
नगर निगम क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में पीजी भवन और हॉस्टल हैं, जिनमें से कई भवन स्वामी आवासीय दर से भवन कर जमा करा रहे हैं। जबकि अधिकतर संख्या में भवन कर निगम में जमा नहीं कराया जा रहा है। संख्या का पता नहीं होने के चलते अभी तक ये बच रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उनसे वर्ष 2014 या जब से वह संचालित हो रहे हैं, तब से अब तक का भवन कर वसूला जाएगा। इसके अलावा जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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जल्द टीम करेगी सर्वे
मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि सर्वे के लिए जल्द टीम गठित होगी। जो सर्वे कर अपनी रिपोर्ट निगम के अधिकारियों को देगी। इसके बाद कर का निर्धारण कर भवन कर वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे निगम हो राजस्व का लाभ होगा। जिससे जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।