ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में इस बार मध्यकालीन इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के सवालों ने अभ्यर्थियों को चौंका दिया। दून में 53 केंद्रों पर हुई परीक्षा में आधे से भी कम अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने परीक्षा में 115 अंकों तक मेरिट रहने की संभावना जताई है।
रविवार को राजधानी में सुबह समय पर परीक्षा शुरू हो गई। नकल जैसे मामलों पर रोक लगाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग ने जैमर भी लगाए थे। 53 केंद्रों पर 22,604 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। पहली पाली में 12,493 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। जबकि, दूसरी पाली में इनकी संख्या 12,715 पहुंच गई।
----
एक दशक के बाद इतना बड़ा परिवर्तन
बीते 10 वर्षों के मुकाबले इस साल सिविल सेवा परीक्षा का पैटर्न बिल्कुल अलग नजर आया। परीक्षा देने वाले अभिषेक ने बताया कि वह दो बार परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, लेकिन इस बार पैटर्न बिल्कुल अलग था। सामान्य अध्ययन के पेपर में बड़े बदलाव किए गए थे। नेहा रावत ने बताया कि इस बार करेंट अफेयर्स के सवालों की काफी कमी नजर आई। परीक्षा विशेषज्ञ आरए खान ने बताया कि परीक्षा सामान्य तैयारी करने वालों के लिए मुश्किल थी। जिन्होंने गहराई से तैयारी की होगी, उनके लिए राह आसान है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 200 में से 112 अंकों तक चयन हो सकता है। परीक्षा विशेषज्ञ सुशील कुमार ने बताया कि इस बार मध्यकालीन इतिहास के करीब सात सवाल, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े करीब 10 सवाल पूछे गए। इसके अलावा पांच प्राचीन और संस्कृति से जुड़े सवाल थे। इस लिहाज से देखें तो इतिहास से जुड़े करीब 22 प्रश्न पूछे गए, जो कि बिल्कुल चौंकाने वाला है। भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े भी करीब 22 सवाल पूछे गए। उन्होंने 115 अंकों तक कटऑफ रहने का अनुमान जताया। परीक्षा विशेषज्ञ एसएस रौतेला ने बताया कि परीक्षा में 130 अंकों तक कटऑफ रह सकती है।
----
अटल नवप्रवर्तन पर भी पूछा गया सवाल
सिविल सेवा प्री परीक्षा में अटल नवप्रवर्तन योजना (अटल इनोवेशन मिशन) के बारे में भी सवाल पूछा गया। गत वर्ष हुई परीक्षा में केंद्र सरकार की कई योजनाओं के सवाल आए थे, लेकिन इस साल केवल एक ही सवाल आया। इस वजह से इन योजनाओं को तैयारी में शामिल करने वाले अभ्यर्थियों को झटका लगा।