ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सरकार की ओर से दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की प्रतिभा को निखारने के लिए दी जा रहीं सुविधाओं पर जिला स्तरीय अधिकारियों की मिलीभगत से सुगम के छात्रों को मुहैया कराया जा रहा है। इसके चलते दुर्गम विद्यालयों के छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों में गणित, विज्ञान की 30 दिवसीय निशुल्क कोचिंग के लिए सुपर 100 योजना शुरू की गई थी। इसके तहत दुर्गम क्षेत्र चकराता और कालसी ब्लॉक के आठ छात्रों का चयन होना था, जबकि अन्य ब्लॉक से दो-दो छात्र-छात्राओं का चयन किया जाना था। चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चकराता और कालसी ब्लॉक से आठ छात्रों और आठ छात्राओं का प्रोफाइल जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा को 24 मई तक मुहैया कराना था। जबकि, सुगम क्षेत्र विकासनगर, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला ब्लॉक से एक छात्र और एक छात्रा का चयन होना था।
इसके लिए पांच छात्र-छात्राओं का प्रोफाइल मांगा गया था, लेकिन आखिर में चयनित सूची में चकराता ब्लॉक से एक-एक छात्र-छात्रा और कालसी ब्लॉक से मात्र एक छात्र का चयन हुआ। सहसपुर, कालसी, डोईवाला ब्लॉक से किसी भी छात्रा को चयनित नहीं किया गया। जबकि, विकासनगर और डोईवाला ब्लॉक से एक भी छात्र को प्रशिक्षण के लिए चयनित नहीं किया गया है। अधिकारियों ने दुर्गम विद्यालयों के छात्रों के बजाय सुगम क्षेत्र रायपुर ब्लॉक के 11 छात्रों का चयन किया है। जबकि, चकराता ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज मेहरावना के छात्रों को वरीयता सूची से हटा दिया गया। प्रशिक्षण तीन जून से राजीव गांधी नवोदय विद्यालय तपोवन नालापानी में शुरू होने हैं। नियम विरुद्ध चयन किए जाने से जाहिर है कि अधिकारी दुर्गम विद्यालयों के छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं से उन्हें वंचित कर रहे हैं।
उधर, कालसी के खंड शिक्षाधिकारी आरएस राणा और चकराता के खंड शिक्षाधिकारी शूलचंद्र ने बताया कि विभाग की ओर से मांगे गए आवेदन जिला परियोजना कार्यालय को भेज दिए गए थे।
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ये है नियम
विभागीय नियमों के अनुसार सुपर 100 कार्यक्रम के तहत 30 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों से दो छात्र और दो छात्राओं का ब्लॉक की मेरिट के आधार पर चयन किया जाता है। खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से हाईस्कूल परीक्षा में ब्लॉक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को चयनित कर निर्धारित प्रारूप में छात्रों के प्रोफाइल को जिला परियोजना कार्यालय भेजा जाता है। दुर्गम विकासखंडों से सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले आठ छात्र और आठ छात्राओं का प्रोफाइल भेजा जाता है, जिनमें से गणित और विज्ञान विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दो छात्रों और दो छात्राओं का चयन प्रशिक्षण के लिए होता है। सुगम के ब्लॉक से मात्र एक छात्र और एक छात्रा के चयन का प्रावधान है।
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छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर किया गया है। कुछ ब्लॉक से छात्रों के आवेदन प्राप्त नहीं हुए जिसके चलते दुर्गम ब्लॉक से कम छात्रों का चयन हुआ है। भविष्य में मानक के अनुसार छात्रों का चयन किया जाएगा। -वाईएस चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक