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वनाग्नि का कहर जारी, 100 स्थानों पर धधके जंगल

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वनाग्नि का कहर जारी, 100 स्थानों पर धधके जंगल
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। वन आपदा प्रबंधन के तमाम प्रयासों के बावजूद राज्य में वनाग्नि का कहर जारी है। बुधवार सुबह से बृहस्पतिवार सुबह तक वनाग्नि से जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा है। वन आपदा प्रबंधन के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक दिन में कुुमाऊं और गढ़वाल मंडल में 100 स्थानों पर लगी आग ने भयंकर तबाही मचाई है। इसमें कुमाऊं में 70 तो गढ़वाल में 26 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं। वनाग्नि ने वन्यजीव अभ्यारण्यों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। एक दिन में वन्यजीव अभ्यारण्यों में चार जगहों पर आग लगी। हालांकि इन घटनाओं में किसी वन्यजीव की मौत होने की सूचना नहीं है। आग की इन घटनाओं में एक ही दिन में 44 हेक्टेयर जंगल जल गया।
वन आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा फायर सीजन में अब तक आग की कुल 1593 घटनाओं में 2104.555 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। आग की घटनाओं को काबू पाने को लेकर चलाए गए राहत अभियान के दौरान 10 वनकर्मी भी झुलसकर घायल हो चुके हैं। जबकि गढ़वाल क्षेत्र में आग से छह वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।
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गढ़वाल की तुलना में कुमाऊं में ज्यादा तबाही
वन आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के मुताबिक वनाग्नि ने गढ़वाल की तुलना में कुमाऊं ज्यादा तबाही मचायी है। गढ़वाल में कुल 547 घटनाएं हुई हैं, जबकि कुमाऊं क्षेत्र में 973 घटनाएं हुई हैं। जबकि वन्यजीव अभ्यारण्यों में आग की घटनाओं का आंकड़ा 73 पहुंच गया है। वनाग्नि से गढ़वाल क्षेत्र में 620.21 हेक्टेयर और कुमाऊं क्षेत्र में 1359.425 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। वन्यजीव अभ्यारण्यों में अब तक 124.92 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है।
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किस साल कितनी घटनाएं, कितना नुकसान?
साल घटनाएं हेक्टेयर जंगल को नुकसान
2010 789 1610.82
2011 150 231.75
2012 1328 2823.09
2013 245 384.05
2014 515 930.33
2015 412 701.61
2016 2074 4437.75
2017 805 1244.64
2018 2151 4480.04
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