रेलवे अफसर नहीं हटा सके टैक्सी बूथ
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। रेलवे व पुलिस-प्रशासन की ओर से रेलवे स्टेशन के सामने स्थापित टैक्सी बूथ हटाने को लेकर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। पुलिस बल की मदद से बूथ हटवाने पहुंचे रेलवे अफसरों को टैक्सी संचालकों के प्रबल विरोध के चलते फिलहाल बूथ हटाने का फैसला टालना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी व टैक्सी यूनियन की आपसी सहमति से रेलवे स्टेशन के ठीक सामने प्रीपेड टैक्सी बूथ स्थापित किया गया था। सहमति बनी थी कि टैक्सी बूथ पर पांच टैक्सियां पार्क की जाएंगी जबकि पांच रोटेशन में रहेंगी, लेकिन टैक्सी यूनियन ने बूथ पर कब्जा कर लिया। अब रेलवे प्रशासन इस टैक्सी बूथ को हटाना चाहता है। बुधवार को रेलवे अधिकारी स्थानीय पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से बूथ को हटाने को पहुंचे, लेकिन टैक्सी संचालकों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। आखिरकार टैक्सी संचालकों के हंगामे को देखते हुए रेलवे अफसरों व पुलिसकर्मियों को बूथ हटाने का निर्णय फिलहाल टालना पड़ा। हालांकि रेलवे अफसरों का कहना है कि यात्रियों की असुविधाआें को देखते हुए टैक्सी बूथ को हटाना ही होगा।
--
स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में टैक्सी बूथ होने की वजह से यात्रियों को परेशानियां हो रही है। ट्रेनों के आने के बाद स्टेशन परिसर में मारामारी मच जाती है। जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। ऐसे में टैक्सी बूथ को हटाना पड़ेेगा। इस संबंध में अफसरों को आदेश जारी किए गए हैं।
- गणेशचंद्र ठाकुर, स्टेशन निदेशक
--
टैक्सी बूथ का संचालन रेलवे, पुलिस प्रशासन व टैक्सी यूनियन की आपसी सहमति के आधार पर संचालित किया जा रहा है। ऐसे में टैक्सी बूथ को हटाने का निर्णय सही नहीं है। रेलवे व पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
- बिजेंद्र सिंह मनवाल, अध्यक्ष, दून टैक्सी आनर्स एसोसिएशन