ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
पछवादून में बढ़ते पारे के साथ ही क्षेत्र के जंगल आग से धधक रहे हैं। कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के अंतर्गत कुंजा के जंगल में पिछले दो दिनों से आग लगी हुई है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मंगलवार को जंगल की आग आबादी के करीब पहुंच गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने इस पर काबू पा लिया। इसके अलावा भी आसपास के कुछ क्षेत्रों में आग से नुकसान हुआ है।
तिमली रेंज के अंतर्गत कुंजा में अलग-अलग पांच घटनाओं में अब तक चार हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं, चकराता और कालसी दोनों डिवीजनों में जंगल में आग की घटनाएं बढ़कर 14 पहुंच चुकीं हैं। कुंजा में पिछले दो दिनों से जंगल धधक रहे हैं। इससे क्षेत्र की आबादी को भी खतरा बना हुआ है। रेंज अधिकारी पूजा रावल के मुताबिक रेंज के अंतर्गत अब तक तीन से चार हेक्टयेर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। पारा बढ़ने से मटक माजरी में अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है।
डीएफओ कालसी एसपी शर्मा के मुताबिक वन प्रभाग की तीन रेंजों तिमली, चौहड़पुर और लांघा रेंज में अब तक दावानल की 13 घटनाओं में 12.60 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। वहीं, डीएफओ चकराता दीप चंद आर्य के मुताबिक बावर रेंज के सिविल वन क्षेत्र में आग की एक घटना हुई है। इससे डेढ़ हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
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वन विभाग आग पर नहीं कर पा रहा नियंत्रण
हर साल फायर सीजन से पहले वन विभाग की ओर से आग से जंगलों को बचाने के लिए पुख्ता उपाय करने के दावे किए जाते हैं। विभाग की ओर से गांवों में वन सुरक्षा समितियों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों का गठन भी किया जाता है। बावजूद इसके हर साल फायर सीजन में जंगलों में भड़की आग से वन्य उत्पादों को भारी नुकसान होता है। इन दिनों पछवादून के तिमली रेंज के जंगलों में आग लगी हुई है, लेकिन वन विभाग पिछले दो दिनों से आग पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। जबकि, कुछ दिन पूर्व सुद्धोवाला और रजौली क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से वन्य उत्पादों को भारी नुकसान हुआ था। तिमली रेंज के जंगल जैव विविधता के साथ ही हाथी कोरिडोर और वन्य जीवों की विभिन्न प्रजातियों के लिए जाने जाते हैं। बावजूद इसके वन विभाग जंगलों में लगी आग पर नियंत्रण पाने के लिए पुख्ता कार्रवाई नहीं कर रहा है। उधर, डीएफओ कालसी एसपी शर्मा ने बताया कि जंगलों में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इसके लिए समाज से भी सहयोग मांगा जा रहा है।