ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
देवता से मांगी मन्नत पूरी होने पर रसूलपुर की शिक्षक कॉलोनी निवासी धनराम शर्मा ने रविवार को अपने आवास पर सिमोग से चूड़ेश्वर महाराज, विजट महाराज और शिलगुर महाराज की देव पालकियों को रात्रि प्रवास पर आमंत्रित किया। सोमवार सुबह देव पालकियों को मूल मंदिर के लिए विदा किया जाएगा।
सिमोग से प्रस्थान के बाद धमोग मंदिर में कुछ देर के लिए देव पालकी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखी गईं। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में देव दर्शन के लिए श्रद्धा का सैलाब उमड़ता रहा। धोइरा खादर, हरिपुर, बाड़वाला, अंबाड़ी, जीवनगढ़ में देव पालकियों पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी। धनराम शर्मा ने बताया कि काफी समय पहले उन्होंने देवता से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद उन्हें अपने आवास पर आमंत्रित करने के लिए अर्जी लगाई थी। रविवार को पारंपरिक रीति रिवाज के साथ तीन देव पालकियों को गाजे बाजों के साथ रसूलपुर स्थित आवास पर लाया गया।
देव पालकियों के पहुंचते ही रसूलपुर चूड़ेश्वर महाराज, विजट महाराज और शिलगुर महाराज के जयकारों से गूंज गया। श्रद्धालुओं में देव दर्शनों के लिए होड़ लगी रही। दोपहर बाद देव पालकी को आंगन में बने मंडप में रखा गया, जहां श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर खुशहाली की मन्नत मांगी। रात में विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद जागरण किया गया। देव दर्शनों के लिए देर रात तक श्रद्धालुुओं की कतार लगी रही। सोमवार सुबह पूजा अर्चना के बाद देव पालकियों को मूल मंदिर के लिए विदा किया जाएगा।
देव पालकी के साथ पुजारी प्रेमदत्त शर्मा, मोहर सिंह शर्मा, नंदराम शर्मा, भीमदत्त शर्मा, वियारी शर्मा, दर्शनी शर्मा, अमिता शर्मा, सरिता शर्मा, चतर शर्मा, रणवीर तोमर, अर्जुन दत्त शर्मा, केडी भट्ट, जालम सिंह, नारायण सिंह, शिवचंद शर्मा, संतराम चौहान, अतर चौहान, कुलदीप तोमर, नरेंद्र नेगी, जगतराम, मायाराम शर्मा, ठेमिया शर्मा, दौलत राम शर्मा, तोताराम शर्मा, भंडारी नारायण दत्त शर्मा, माधुराम, कुंदन चौहान, रमेश शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु रसूलपुर पहुंचे।