ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
प्रशासन की कोशिशों के बाद भी शक्तिनहर पर 50 के दशक में बने पुलों से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लग रही है। इससे इन पुलों को खतरा बना हुआ है। दो दिन पूर्व डाकपत्थर बैराज के पास बने पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरियर लगाया गया था, जिसे उसी रात तोड़ दिया गया।
जबकि, कुल्हाल में शक्तिनहर पर बने पुल से हिमाचल की सीमा से आने वाले भारी वाहनों पर भी रोक नहीं लग रही है। इस पुल से हर रोज 10 से 18 टायर वाले बड़े ट्रक गुजर रहे हैं। यह पुल उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से जोड़ता है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों की मानें तो 60 के दशक में बने इस पुल की हालत जर्जर हो चुकी है। इसके बाद भी पुल से भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे पुल को खतरा बना है।
उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता जेएस रावत ने कहा कि अंबाला-देहरादून एनएच फोर लेन बनना प्रस्तावित है। उस दौरान नया पुल बनाया जाएगा। फौरी तौर पर सुरक्षा के लिए तहसील प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा।