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निगम अफसरों के आगे एसडीएम के निर्देश ताक पर

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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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डाकपत्थर बैराज स्थित शक्तिनहर पुल से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के एसडीएम विकासनगर के निर्देश को जल विद्युत निगम अधिकारी ताक पर रखे हुए हैं। निगम अधिकारियों ने उनके निर्देश पर दो सप्ताह बाद भी अमल नहीं किया है। जर्जरहाल पुल से भारी वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है।
एसडीएम विकासनगर कौस्तुभ मिश्र ने 15 अप्रैल को अधिशासी अभियंता डाकपत्थर बैराज को जारी निर्देश में कहा था कि डाकपत्थर बैराज स्थित शक्तिनहर पुल से भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बैराज पुल के दोनों ओर निर्धारित ऊंचाई पर लोहे की पट्टियां लगाकर बैरियर बनाए जाएं। इसके अलावा वहां विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की जाए। यदि इस बैरियर को किसी व्यक्ति ने नुकसान पहुंचाया तो संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। एसडीएम विकासनगर ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विकासनगर और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विकासनगर को भी ओवरलोड वाहनों के खिलाफ औचक निरीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन विभागीय अधिकारी एसडीएम के निर्देश को ताक पर रखे हुए हैं।
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जल विद्युत निगम अधिकारियों को डाकपत्थर शक्तिनहर पुल पर बैरियर लगाने के निर्देश दिए थे, निर्देश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। -कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम विकासनगर
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चुप्पी साधे हैं निगम के अफसर
इस मामले में जल विद्युत निगम यमुना वैली महाप्रबंधक विपिन बिहारी सिंघल का कहना है कि उच्च अधिकारियों की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी मीडिया को कोई वर्जन नहीं देगा। इस बारे में हमारे जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ही कुछ बता सकते हैं। मामले में विमल डबराल से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं किया जा सका। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष आने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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इधर, डीएम के पास पहुंचा मामला
डाकपत्थर शिवपुरी कॉलोनी निवासी हर्षुल शर्मा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शक्तिनहर पुल की तकनीकी जांच करवाने और पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है। डीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि पछवादून स्थित यमुना नदी पर पांच मुख्य एवं अति महत्वपूर्ण विद्युत परियोजनाएं हैं। 60 के दशक में बनी इन परियोजनाओं से प्रतिदिन कई सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है, लेकिन शक्तिनहर पुल से हर रोज भारी वाहनों के गुजरने से पुल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
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