तिब्बती समुदाय ने 11वें पंचेन लामा के 30वें जन्मदिवस पर नगर में शांति मार्च निकाला। बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय की महिलाओं और पुरुषों ने पंचेन लामा की सलामती की प्रार्थना की और चीन सरकार से पंचेन को रिहा करने की मांग की।
मसूरी महिला तिब्बती एसोसिएशन अध्यक्ष नामगयेल डोल्कर, श्रृंग डोल्कर ने बताया कि तिब्बती महिला संघ की ओर से निकाला गया अखिल भारतीय शांति मार्च बुद्धा मंदिर से शुरू होकर गांधी चौक, मालरोड होते हुए पिक्चर पैलेस पर समाप्त हुआ। इससे पूर्व मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद तिब्बती भाषा में विशेष पूजा-अर्चना कर तिब्बत और भारत का राष्ट्रीय गान गाया गया।
केंद्रीय महिला एसोसिएशन अध्यक्ष डोलमायंग चेन ने कहा कि वर्ष 1995 में तिब्बती समुदाय के धर्मगुरु दलाई लामा ने गेनदुन चोएकीनिइमा को 11वां पंचेन लामा घोषित किया था। उसी वर्ष चीन सरकार ने पंचेन लामा को बंदी बना लिया। उस वक्त पंचेन मात्र 6 वर्ष के थे। उन्होंने बताया कि चीन सरकार की ओर से उनका अब तक कोई पता नहीं दिया जा रहा है।
कहा कि निर्वासित सरकार सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार पंचेन लामा की रिहाई की मांग उठाता रहा है, लेकिन चीन की दमनकारी नीति के चलते अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं। तिब्बत महिला एसोसिएशन की सदस्य सोनम कश्यप ने कहा कि महिला शक्ति संगठन की ओर से मसूरी से पंचेन लामा की रिहाई की मांग को लेकर जल्द ही पदयात्रा शुरू की जाएगी।
इस मौके पर लेखक गणेश शैली, इंद्रपाल सिंह कोहली, महेश पांडे, रविंद्र पडियार, विजय रमोला, कांता सिंह भंडारी, अनीता सक्सेना आदि मौजूद रहे।