ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
साहिया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कालसी ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भंजरा में अध्ययनरत नौनिहालों पर भारी पड़ रही है। विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले नौ माह से रुका होने के कारण नौनिहालों को ग्रामीणों के निजी भवन के एक कमरे में आखर ज्ञान लेना पड़ रहा है। पांच कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में करना पड़ रहा है। इससे शिक्षकों को भी परेशानी हो रही है।
प्राथमिक विद्यालय भंजरा के पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कर वर्ष 2018 के अप्रैैल माह में नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। आधा निर्माण होने के बाद अगस्त माह में भारी बारिश के चलते निर्माणाधीन भवन पर पहाड़ का मलबा गिर गया, जिससे भवन की नव निर्मित दीवारों को काफी नुकसान पहुंचा। नुकसान की सूचना संबंधित ठेकेदार की ओर से विभागीय अधिकारियों और तहसील प्रशासन को दी गई। करीब नौ माह बीत जाने के बाद भी भवन का अधूरा पड़ा निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
अभिभावक चमन सिंह, प्रताप सिंह, केदार सिंह, दिगंबर सिंह, अतर सिंह, सीताराम ने बताया कि अधूरे भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए दैवीय आपदा मद में बजट अभी तक मुहैया नहीं हो पाया है और न ही विभाग की ओर से नया कार्य शुरू कराए जाने का प्रयास किया गया है। कहा कि शासन, प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है। पांच कक्षाओं का संचालन एक ही कक्ष में होने के साथ ही एमडीएम खुले में पकाना पड़ रहा है। ऐसे में बरसात में विद्यालय में एमडीएम पकाने की समस्या भी पैदा हो जाती है। साथ ही विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों को निपटाने में भी परेशानी हो रही है।
उधर, उप शिक्षाधिकारी पूजा नेगी दानू ने बताया दैवीय आपदा मद के तहत बजट मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।