ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
साहिया। जौनसार बावर परगने में बिस्सू पर्व के समापन पर क्वानू में बृहस्पतिवार रात सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय लोक कलाकारों ने जौनसार और हिमाचल प्रदेश की पांरपरिक संस्कृति की अनुपम छटा पेश की। सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों पर युवा जमकर झूमे।
सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमर सिंह चौहान और कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज के इंस्पेक्टर संतराम तोमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अमर सिंह ने बिस्सू पर्व को पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस पर्व में क्षेत्र से बाहर रहने वाली युवा पीढ़ी को जरूर शामिल होना चाहिए, जिससे कि संस्कृति के मूल को समझ सकें। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत संतराम कबुंवार ने महासू वंदना जै महासू देवा जै महासू देवा, हाथों जोड़ी करुं तेरी सेवा, सबुखैं राजी खुशी रख्यां देवा...से की। इसके बाद उन्होंने हारुल धारिया नेगी ले गूंदी जैलो आटा ले.. हारुल गाई।
लोक गायिका परिमा राणा की राधा ली रूकमणी... और हाऊ जांदी ना शाउरे, दिल मेरो लागी ने... गीतों की प्रस्तुति पर युवा झूमते नजर आए। प्रियंका पंवार ने चबायते पानो ली बिमला जौनसारी... गीत के साथ ही हिमाचली लोक गीतों की प्रस्तुति दी। साथ ही संजना राज, सूरज ठाकुर, नेत्र पांडे, राजेंद्र सिंह बिष्ट ने भी सांस्कृतिक संध्या में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
इस दौरान मातवर सिंह तोमर, नरेंद्र सिंह तोमर, जीत सिंह तोमर, धरम सिंह तोमर, चंदन सिंह, बलवीर सिंह चौहान, रितेश, भगत सिंह राणा आदि मौजूद रहे।