ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
पछवादून के 100 से अधिक निजी शिक्षण संस्थान एक साल से बिना मान्यता के चल रहे हैं। बिना मान्यता के संचालित शिक्षण संस्थानों से पांचवीं और आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के सामने अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने की समस्या पैदा हो गई है।
जानकारी के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता 31 जुलाई 2018 को ही समाप्त हो गई थी, इसके बाद संचालकों ने आवश्यक दस्तावेज विभाग को मुहैया कराए थे, लेेकिन एक शिक्षा सत्र समाप्त होने के बाद भी विभाग की ओर से नवीनीकरण नहीं किया गया है और न ही शिक्षण संस्थानों को नवीनीकरण करने में आ रही आपत्तियां भेजी गईं हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद सभी निजी शिक्षण संस्थानों को 31 जुलाई 2018 तक मान्यता दी गई थी। इसके बाद मान्यता का नवीनीकरण किया जाना जरूरी था।
विकासनगर ब्लॉक में 100 से अधिक छोटे बड़े निजी शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं। जबकि, सहसपुर ब्लॉक और जौनसार बावर परगने में भी तीन दर्जन के करीब निजी शिक्षण संस्थान हैं। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी विभागीय कार्यालय में इन विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण संबंधी फाइलें धूल फांक रहीं हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी उन छात्रों को हो रही जो पांचवीं और आठवीं कक्षा उत्तीर्ण कर अन्यत्र विद्यालयों में प्रवेश लेना चाह रहे हैं। बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के प्रमाणपत्र अन्य विद्यालय वैध नहीं मान रहे हैं।
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मुख्य शिक्षाधिकारी देहरादून से प्रकरण की जानकारी ली जाएगी। मानक पूरे करने वाले सभी निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता का नवीनीकरण ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए जाएंगे।
- एसपी खाली, अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल