ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों के गुजरने से डाकपत्थर शक्तिनहर पुल पर दरारें आ गईं हैं। इसके बावजूद हर रोज बजरी से भरे 200 से 250 वाहन पुल से गुजर रहे हैं। इससे पुल को खतरा बढ़ गया है।
एसडीएम विकासनगर ने डाकपत्थर बैराज के अधिशासी अभियंता को सोमवार को पुल पर निर्धारित ऊंचाई में लोहे की पट्टियां लगाकर बैरियर बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होने से मंगलवार को भी पुल से भारी वाहनों की आवाजाही होती रही। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि शक्तिनहर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी से मामले की जांच कराई गई थी। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि ऐसा करने के लिए पुल पर दिन और रात में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करनी होगी। कोतवाली विकासनगर में इतना पुलिस बल नहीं है कि डाकपत्थर बैराज पुल पर तैनात किया जा सके। इसलिए पुल के दोनों ओर निर्धारित ऊंचाई पर लोहे की पट्टियां लगवाईं जाएं। ताकि, ऊंचे और भारी वाहनों का पुल से आवागमन खुद ही रुक जाए। एसडीएम ने कहा कि इस मामले में अधिशासी अभियंता को कर्मचारियों की तैनाती के लिए कहा गया है।
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पुल से भारी वाहनों को रोकने के लिए हम कई बार स्थानीय प्रशासन को लिख चुके हैं। पुलिस बल का अधिकार प्रशासन के पास है, हमारे हाथ में कुछ नहीं है। पुल से एक दिन में 200 से 250 भारी वाहनों के गुजरने से पुल को खतरा पैदा हो गया है। हमने आईआईटी रुड़की को भी पुल की लाइफ स्टेटस स्टडी के लिए लिखा है। पुल पर बैरियर लगाने के लिए एसडीएम का मुझे अभी तक नहीं मिला नहीं है। पत्र मिलने पर इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद चौरसिया, अधिशासी अभियंता जल विद्युत निगम