ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
निकाय चुनाव से पहले नगर पालिका क्षेत्र में शामिल की गईं तीन ग्रामीण बस्तियों के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन, इन बस्तियों में अभी तक पथ प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था भी मुहैया नहीं कराई गई है।
बस्तियों के निकाय में शामिल होने के बाद से स्थानीय लोगों से नगर पालिका प्रशासन कर तो वसूल रहा है, लेकिन सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निकाय चुनाव से पूर्व विकासनगर नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार करते हुए इसमें बाबूगढ़, दिनकर विहार और रसूलपुर ग्रामीण बस्ती को शामिल किया गया। इन बस्तियों के लोगों का तो शहरीकरण हो गया था, लेकिन शहरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। बस्तियों की मुख्य समस्या पथ प्रकाश और पेयजल किल्लत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
निकाय क्षेत्र में शामिल हुए एक साल बीतने को है, लेकिन अभी तक पालिका प्रशासन ने यहां संपर्क मार्गों और मुख्य मार्गों पर पथ प्रकाश की व्यवस्था मुहैया नहीं कराई है। जबकि, दिनकर विहार में पेयजल लाइन दो दशक पुरानी है, जो बढ़ती आबादी की आपूर्ति करने में सक्षम नहीं है। वहीं, बाबूगढ़ में जर्जर संपर्क मार्ग और जल भराव की समस्या बनी हुई है। अधिकांश संपर्क मार्गों का सुधारीकरण नहीं होने के साथ ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। इससे बरसात में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
उधर, नगर पालिका अध्यक्ष शांति जुवांठा ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते नए विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।