ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
समग्र शिक्षा अभियान के तहत रुद्रपुर संकुल के जूनियर हाईस्कूल केदारावाला में आयोजित बाल संसद में बाल तस्करी और बाल शोषण की रोकथाम पर मंथन किया गया। शनिवार को बाल संसद का आरंभ शिक्षाधिकारी हिमांशु कुमार श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने बच्चों को शोषण से बचने के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि बाल अपराध, अपहरण और यौन शोषण जैसी बढ़ती आपराधिक घटनाओं से बचने के लिए बच्चों को सचेत, समझदार और जागरूक होना होगा। साथ ही अपने और पराए की पहचान करनी होगी। उन्होंने बच्चों को पॉक्सो एक्ट 2012 और मानव तस्करी से जुड़े अन्य कानून के बारे में भी बताया। बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता को प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए उप शिक्षाधिकारी ने ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण कमेटियों के गठन पर जोर देने के साथ ही बच्चों की कारोबारी और यौन शोषण के मकसद से की जाने वाली तस्करी को रोकने, उनको बचाने तथा पीड़ितों के पुनर्वास में विभिन्न पक्षों की भूमिका की जानकारी दी। पर्वतीय बाल मंच के समन्वयक सुधीर भट्ट ने कहा कि बाल तस्करी और बाल शोषण को रोकने के लिए कानूनों को कड़ा किया जाना जरूरी है। बाल संसद के दौरान बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल मजदूरी के स्याह पहलू से रूबरू कराया। इस दौरान संकुल प्रभारी संजय सोलंगी, अनंत सोलंकी, भंगा सिंह पाल, लियाकत अली, संगीता जोशी, सुधा मधवाल आदि मौजूद रहे।