सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज डाकपत्थर में शुक्रवार को रंगों का पर्व होली हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य विजय बडोनी ने सरस्वती के चित्र पर गुलाल का टीका लगाकर की। इस दौरान उन्होंने रासायनिक रंगों के नुकसान की जानकारी और जैविक रंगों से होली खेलने की अपील की।
प्रधानाचार्य विजय बडोनी ने कहा कि होली का पर्व बहुआयामी है। इस दिन समाज से ऊंच-नीच, गरीब-अमीर जैसी विभाजक भावनाएं विलुप्त हो जाती हैं। यह पर्व खेती-किसानी से भी जुड़ा है। इसीलिए जलती होली में गेहूं की बालियां भूनने की परंपरा है। हिंदू मास के अनुसार होली के दिन से नए संवत की शुरुआत होती है। चैत्र कृष्ण प्रतिप्रदा के दिन धरती पर प्रथम मानव मनु का जन्म हुआ था। इसी दिन कामदेव का पुनर्जन्म हुआ था। नरसिंह रूप में भगवान इसी दिन प्रकट हुए थे और हिरण्यकश्यप नामक असुर का वध कर भक्त प्रहलाद को दर्शन दिए थे।
रंगोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही होली से पूर्व बस्तियों में जाकर लोगों को रासायनिक रंगों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस दौरान लक्ष्मी, प्राची, अंशु, निकिता, वष्णिका, पूजा, नित्या, अनुराग, प्रियांशु, वंश, नीमा, अवधेश, तपेंद्र, अखिलेश, कमलेश, चंदन, कालिका प्रसाद, दीपक, हरीश, रणजीत, वीरपाल, अनिल आदि मौजूद रहे।