ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से शंकरपुर में आयोजित दस दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण शिविर का समापन बुधवार को हुआ। शिविर में युवओं को खादी को स्वरोजगार का जरिया बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत आयोजित शिविर के समापन पर राकेश कुमार शर्मा, सहायक निदेशक खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के तौर पर खादी को अपनाना चाहिए। कहा कि ग्रामीण स्तर पर ऊन से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देकर विलुप्त हो रहे कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवन दिया जा सकता है। विश्व में खादी भारतीयता की पहचान रही है। युवा पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर खादी से विमुख हो रहे हैं। जबकि, खादी से बने वस्त्र व सामग्री अन्य वस्त्रों से अधिक टिकाऊ होते हैं। कहा कि गांवों में कुटीर उद्योगों की शुरुआत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। इससे पूर्व प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को ऊन व खादी उद्योग से संबंधित जानकारी मुहैया कराई गई। साथ ही उद्यमिता विकास, बाजार प्रबंधन, लेखांकन, बुक कीपिंग, बैंकिंग स्कीम, समय प्रबंधन, कैशलेस अर्थव्यवस्था की जानकारी भी दी गई। इस दौरान ओबीआरसेटी के प्रबंध निदेशक ललित कुमार गुप्ता, सुनीता सिंघल, सरदार सिंह, रेनू, प्रमिला, गुलाम साबिर, दीपक चौधरी, किरन शुक्ला, स्नेहा राणा, राजेंद्र सिंह, सालिगराम, गरिमा पांडेय, पूजा आदि मौजूद रहे।