ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
मार्च माह में हो रही बारिश और बर्फबारी आसन झील में आए विदेशी परिंदों के लिए मुफीद साबित हो रही है। पिछले कई वर्षों से फरवरी के अंत तक विदेशी परिंदे लौटना शुरू कर देते थे। लेकिन, इस बार मौसम में आई नरमी से विदेशी परिंदों की घर वापसी रुक गई है।
मौसम अनुकूल होने से विदेशी परिंदे आसन झील में ही जमे हुए हैं। इसके चलते जनवरी-फरवरी की तरह ही मार्च माह में पूरे आसन वेटलेंड क्षेत्र में पक्षियों का कलरव गूंज रहा है। पक्षियों की वापसी रुकने से यहां पर्यटकों की आमद भी बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि नवंबर माह में सर्दी शुरू होते ही आसन झील में साइबेरिया और मध्य एशियाई देशों से कई प्रजातियों के रंग-बिरंगे परिंदे आसन झील में प्रवास पर आते हैं। जो फरवरी माह के अंत से वापस लौटना शुरू हो जाते हैं। पक्षी विशेषज्ञ और वन बीट अधिकारी प्रदीप सक्सेना ने बताया कि पिछले कई वर्षों से मार्च के प्रथम सप्ताह तक लगभग सभी विदेशी परिंदे वापसी की उड़ान भर लेते थे। लेकिन, इस बार मौसम बदलने से अब तक किसी भी प्रजाति के विदेशी परिंदे ने वापसी नहीं की है। बताया कि इस समय यहां पक्षियों की 79 प्रजातियों में से 24 प्रजातियां विदेशी परिंदों की हैं।