ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया/कालसी
जौनसार बावर में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकारी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक मात्र सहारा हैं। अधिकतर लोग इन अस्पतालों पर ही निर्भर हैं, लेकिन पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण, डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्टाफ नहीं होने से बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को राहत नहीं दे पा रहीं हैं।
कालसी तहसील के 200 से अधिक गांवों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए वर्ष 2004 में साहिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया था। इसमें एक प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित ग्यारह चिकित्सकों के पद सृजित किए गए। लेकिन, आज भी सीएचसी में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और ईएमओ के पद रिक्त हैं। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से केंद्र में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन ठप पड़ी है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है। साथ ही फिजिशियन एवं बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी होने पर मरीजों को विकासनगर, देहरादून के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उधर, ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए खोले गए 32 उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह लड़खड़ाई हुई हैं। 32 केंद्रों में से मात्र दस केंद्रों पर ही एएनएम की तैनाती है। जबकि, 18 उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट तैनात नहीं हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालसी में चिकित्सकों और फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है, लेकिन स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं होने से यहां भी अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम, नर्स और फार्मेसिस्ट के पद खाली पड़े रहने के कारण जहां गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व एवं प्रसव बाद का टीकाकरण करवाने में दिक्कत आती है, वहीं प्रसव के लिए भी कालसी और विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है। पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रमों टीकाकरण, पल्स पोलियो, कृमि उन्मूलन अभियान के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। जबकि, पीएचसी कालसी में स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं होने से भी चिकित्सकों को प्रसव कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह चौहान, एडवोकेट क्षमा शर्मा, हरिपुर की प्रधान रेखा चौधरी आदि का कहना है कि शीघ्र क्षेत्र के समस्त उपकेंद्र पर कर्मचारियों की तैनाती की जानी चाहिए। ताकि क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
-----
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स, सफाईकर्मी और अन्य उप केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती के लिए समय-समय पर उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा रहा है। जैसे ही उच्चस्तर से इनकी उपलब्धता होगी, इनको संबंधित केंद्रों पर तैनात कर दिया जाएगा।
-डॉ. आरके दीक्षित, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, कालसी
-----
प्रदेश में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र में डाक्टरों की तैनाती की जाएगी।
-डॉ. संजीव दत्त, डिप्टी सीएमओ, देहरादून