ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
समग्र शिक्षा के तहत बुधवार से शुरू हुए शिक्षकों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण का पहला दिन ही छात्रों पर भारी पड़ा। अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों के प्रशिक्षण पर रहने से पढ़ाई प्रभावित रही। कई स्कूलों में सिर्फ प्रधानाचार्य के उपस्थित रहने से पढ़ाई पूरी तरह ठप रही।
कई विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी इन दिनों 30 दिवसीय प्रशिक्षण में हिस्सा लेने देहरादून गए हुए हैं। ऐसे में शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों के सहारे ही विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में हाई स्कूल के पांच शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। जबकि, प्राथमिक विद्यालयों से एक शिक्षक और जूनियर हाईस्कूल से तीन शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूल में छात्र संख्या कम होने के बावजूद कई कक्षाओं का संचालन करना एक शिक्षक को भारी पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को झेलनी पड़ी। अधिकांश हाईस्कूल में सिर्फ प्रधानाचार्य ही कक्षाओं का संचालन करने के लिए मौजूद हैं। जबकि, इंटरमीडिएट कॉलेज से भी एलटी ग्रेड के पांच शिक्षकों के प्रशिक्षण में भाग लेने से पूरे दिन अधिकांश कक्षाएं शिक्षक विहीन रहीं। प्रशिक्षण के पहले दिन ही अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित रही।
उधर, शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि शिक्षा में नवाचार के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य है। प्रधानाचार्यों को कक्षाओं का सम्मिलित संचालन कर पाठ्यक्रम का दोहराव कराने के निर्देश दिए गए हैं।