ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल सुविधाओं का अभाव है। मात्र एक शल्य चिकित्सक (ऑर्थो सर्जन) के सहारे संचालित हो रहे इस ट्रॉमा सेंटर में जनरल सर्जन और निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट) के साथ ही पैरा मेडिकल कर्मियों की कमी शुरू से ही बनी हुई है। इसके चलते मरहम-पट्टी से लेकर टांके लगाने का काम भी ऑर्थो सर्जन को ही करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि हर साल जौनसार-बावर क्षेत्र में बढ़ते हादसों और क्षेत्र के सीएचसी व अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए सीएचसी विकासनगर में ट्रॉमा सेंटर खोला गया था। ट्रॉमा सेंटर शुरुआती दौर से ही उपेक्षित रहा। सेंटर का लोकार्पण पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया था। लेकिन, लोकार्पण के वक्त ट्रॉमा सेंटर में कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं थी। जिम्मेदारों ने सिर्फ ट्रॉमा सेंटर के भवन का ढांचा खींच दिया था। लंबे समय तक ट्रॉमा सेंटर शोपीस बना रहा।
वर्तमान में चकराता, विकासनगर और सहसपुर विधानसभा क्षेत्रों के केंद्र बिंदु विकासनगर में मरीजों की सुविधा के लिए बना ट्रॉमा सेंटर कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। आलम यह है कि यहां तैनात ऑर्थो सर्जन को ही वार्ड ब्वॉय का काम भी करना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर में निश्चेतक, जनरल सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वॉय सहित स्टाफ नर्सों की तैनाती नहीं की गई है। दुर्घटना होने पर यहां तैनात चिकित्सक के साथ ही मरीजों को अक्सर परेशानी झेलनी पड़ती है। सीएचसी के निश्चेतक के ऑपरेशन में व्यस्त रहने के दौरान ट्रॉमा सेंटर में आए मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ता है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में पैरा मेडिकल कर्मियों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से नई नियुक्तियां होने पर प्राथमिकता के आधार पर कर्मियों की तैनाती का आश्वासन मिला है।