ब्यूरो/अमर उजाला, चकराता/साहिया
माघ मरोज पर्व के चौथे दिन सोमवार को मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई गई। क्षेत्र के तीन सौ से अधिक गांव लोक संस्कृति से गुलजार रहे। लोगों ने अपने ईष्ट देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। जगह-जगह गांवों में एकत्र हुए लोगों ने देर रात तक लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
जौनसार बावर अपनी अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्व है। क्षेत्र में एक महीने तक मनाए जाने वाले माघ मरोज पर्व के चौथे दिन त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। साहिया और आस पास के अलसी, पानुवा, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, समाल्टा, देऊ, भंजरा, कुरोली, उपरोली, नेवी, बोरी आदि गांवों में लोगों ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। इसके बाद जगह-जगह गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांव के स्याणा के आवास पर लोगों ने लोक गीत प्रस्तुति किए। इसके अलावा कुनेन, झबराड, अमराड़, खरोड़ा, लौहारी, भुद्ररोली, चांजोई, डिमिच, अणु, अटाल, सैंज, गौरक्षा, ठारठा, पिंगुआ, केराड़, निमगा आदि गांवों में त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।