- अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल महाअभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल महाअभियान के तहत शनिवार को आशाराम वैदिक इंटर कालेज में महिला सशक्तीकरण एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को जीवन में शिक्षा के महत्व के साथ ही महिला अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि स्कूल के प्रबंधक संजय जैन ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होकर मुकाम हासिल किया जा जा सकता है। बदलते दौर में महिलाएं पहले की अपेक्षा अधिक सजग और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि कही पर भी किसी तरह का गलत हुआ हो उसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। खासकर छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को यदि कोई गलत नियत से देखता या टच करता हो तुरंत विरोध करना चाहिए। उन्होंने बताया कि युवतियों और महिलाओं के साथ कही कुछ अप्रिय होता है तो विशाखा गाइड लाइन के तहत बनी कमेटी में विरोध दर्ज कराया जाना चाहिए। पूर्व में कुछ देशों में महिलाओं को वोट देने तक का अधिकार नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है समाज में बदलाव आया है। इसके साथ शिक्षकों से कहा कि यौन अपराध, उत्पीड़न और प्रताड़ना से बचाने के लिए यदि स्कूल में कमेटी गठित नहीं है तो जल्द इसका गठन किया जाए। शिक्षक रमेश चंद्र गर्ग ने बच्चों को अपराजिता का अर्थ बताया। उन्होंने कहा कि जिसे पराजित नहीं किया जा सकता वे अपराजिता है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संजय कुमार विश्नोई ने किया।
इस दौरान कार्यक्रम में रघुवीर सिंह राणा, सुभाष चंद्र मिश्र, अनिल गुप्ता, इसम सिंह, आरपी अग्रवाल, कुलदीप प्रसाद जोशी, संजीव कलूरा, मनीषा शर्मा, प्रीति जैन, विभा, रमेश चंद्र गर्ग, बाबू सिंह चौहान, पितांबर सिंह तोमर, मोहन सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
वर्क प्लेस पर कुछ अप्रिय हो तो करें विरोध
कार्यक्रम में कानून के जानकारों ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। अश्लील टिप्पणी और साहित्य दिखाना अपराध है। महिलाओं के साथ वर्क प्लेस पर यदि कुछ भी अप्रिय हो तो इसके लिए गठित समिति में विरोध दर्ज करें। यह कहना है कानून के जानकारों का। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता नितिन वर्मा व अमिता राणा ने बताया कि वर्क प्लेस पर महिला सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए हैं। आयोजित कार्यक्रम में कानून के जानकारों ने कहा कि महिलाओं के साथ कुछ भी अप्रिय होने पर लिखित या मौखिक शिकायत इसके लिए संस्थान में गठित कमेटी में दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा विशाखा एप पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। खास बात यह है कि इसमें पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जाता। कार्यक्रम में बच्चों ने भी विचार व्यक्त किए। शिक्षक संजय कुमार विश्नोई ने बताया कि स्कूल में यौन अपराध और उत्पीड़न से बचाने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
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यह बदलाव का समय है और महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे आई हैं, वे चाहे सेना हो, पुलिस हो या फिर महिला अधिकारों से जुड़े मामले, उनकी हर क्षेत्र में भागीदारी है।
- प्रीति जैन, शिक्षिका
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महिलाओं के लिए कई कानून बनाए हैं, जरूरत है तो बस उन्हें इसके प्रति जागरूक करना, जागरुकता के अभाव में कई बार महिलाएं संविधान में उन्हें मिले अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाती। - अमिता राणा, अधिवक्ता
एनसीसी में बड़ी संख्या में छात्राओं का आना सुखद है, यहां से निकली कई छात्राएं सेना में अधिकारी बनी हैं जो देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। - संजय कुमार विश्नोई, मेजर एनसीसी