ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ऋषिकेश में अतिक्रमण पर कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) के पास अपना कोई भी नक्शा नहीं है। इसके लिए विभाग राजस्व विभाग के नक्शे को आधार मान रहा है, जबकि नगर के व्यापारियों का तर्क है कि जब नेशनल हाईवे के पास स्वयं का कोई आधार नहीं है, तो ऐसे में अतिक्रमण की कार्यवाही का क्या औचित्य रह जाता है। सोमवार को उप जिलाधिकारी प्रेमलाल की मौजूदगी में नगर के व्यापारियों, नेशनल हाईवे और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में व्यापारियों ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट के अतिक्रमण संबंधी आदेश पर 80 फीट चौड़ी सड़क का वर्णन है, मगर नेशनल हाईवे के पास खुद का कोई नक्शा नहीं है। एनएच के सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना ने बताया कि उनके पास राजस्व विभाग का वर्ष 1937 का नक्शा है, इसके तहत 140 फीट सड़क का चौड़ीकरण होना है। इस पर उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने बताया कि एनएच के पास खुद का नक्शा न होने के कारण व्यापारियों और एनएच अधिकारियों में आपसी सहमति नहीं बन सकी है। लिहाजा जब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो जाती कि कितनी फीट सड़क चौड़ी की जाए, तब तक एनएच विभाग को छोड़ नगर निगम, लोनिवि और एचआरडीए अतिक्रमण की कार्यवाही को अंजाम देगा।
सोमवार को नहीं हुई चिह्नीकरण की कार्यवाही
नगर निगम चुनाव के बाद ऋषिकेश में चिह्नीकरण की शेष कार्यवाही सोमवार से शुरू की जानी थी, लेकिन उप जिलाधिकारी प्रेमलाल देहरादून में वीवीपेट से होने वाले लोकसभा चुनाव की ट्रेनिंग के लिए गए थे। इस कारण अतिक्रमण को लेकर चिह्नीकरण की कार्यवाही नहीं हो सकी।